नानक वाणी 40 नानक सतिगुरु भेटियै भावार्थ सहित || सतगुरु की ऐसी महिमा सुनकर आप दंग रह जाएंगे

गुरु नानक साहब की वाणी / 40

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" एक अनमोल कृति है। इस कृति में बहुत से संतवाणीयों को एकत्रित करके सिद्ध किया गया है कि सभी संतों का एक ही मत है।  इसी हेतु सत्संग योग एवं अन्य ग्रंथों में भी संतवाणीयों का संग्रह किया गया है। जिसका शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी अन्य महापुरुषों के द्वारा किया गया हैै। यहां संतवाणी-सुधा सटीक से संत सद्गरु बाबा  श्री गुरु नानक साहब जी महाराज   की वाणी का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी बारे मेंं जानकारी दी जाएगी। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज ने लिखा है। 

इस भजन के पहले वाले भजन ''अंतरि गुरु आराधणा,....'' को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं  


Sant satguru Ki Mahima ka bakhan karte satguru Baba Nanak Sahab

What can Saint Satguru give. संत सतगुरु क्या-क्या दे सकते हैं

सदगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज इस भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन, पद्य, वाणी, छंद) में कहते हैं कि- "What happens when you find a true Satguru?  What can be achieved by Guru Bhakti?  What does Guru Maharaj give?  Only true Sadhguru can give salvation.   सतगुरु मिलने पर क्या होता है? गुरु भक्ति से क्या क्या-क्या प्राप्त हो सकता है? गुरु महाराज क्या-क्या देते हैं? सच्चे सद्गुरु ही मोक्ष दे सकते हैं।  इन बातों की जानकारी  के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ समाधान पायेंगे। जैसे किअसली भक्ति क्या है, गुरु कितने होते हैं, भक्ति कितने प्रकार की होती है, गुरु का मतलब क्या होता है, गुरु क्या है, भक्ति क्या है बाबा नानक, गुरु की परिभाषा क्या है, भक्त शब्द का क्या आशय है, गुरु भक्ति क्या होती है, वास्तविक सच्ची भक्ति क्या है, गुरु किसे कहते है, भक्ति का अर्थ क्या है, भक्ति किसे कहते है आदि बातें । इन बातों को जानने के लिए पढ़ें-  


 ॥ सलोक , महला ५ ॥ 

( शब्द 2 )

१ ॐ सतिगुर प्रसादि


नानक सतिगुरु भेटियै , पूरी होवै जुगती । 
हसं दिआ खेलं दिआ पैनं दिआ , खावं दिआ बिचे होवै मुकती ॥२ ॥

शब्दार्थ - भेटि - भेंट होने पर , मिलने पर । जुगती - युक्ति , योग , भक्ति । पैनं - पीना । ( अन्य शब्दों की जानकारी के लिए "संतमत+मोक्ष-दर्शन का शब्दकोश" देखें ) 


भावार्थ - गुरु नानकदेवजी महाराज कहते हैं कि सद्गुरु के मिलने पर युक्ति ( साधना , योग , भक्ति ) पूरी होती है । वे सद्गुरु भक्तों को हँसना खेलना ( हँसी - खुशी ) देते हैं ; खाना पीना ( भोजन - छाजन ) देते हैं और इन्हीं सब बातों के बीच उनकी ही कृपा से उन भक्तों को परम मोक्ष भी प्राप्त हो जाता है ॥२ ॥ ∆


इस भजन के बाद वाले भजन  ''गुरु की मूरति मन महि धिआनु....''   को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं।


प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "संतवाणी सटीक" के इस लेख का पाठ करके आपलोगों ने जाना कि sachcha sataguru milane par kya hota hai? guru bhakti se kya kya-kya praapt ho sakata hai? guru mahaaraaj kya-kya dete hain? sachche sadguru hee moksh de sakate hain.uru kinako paramaatma ka darshan karaate hain?   इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। निम्न वीडियो में उपर्युक्त लेख का पाठ करके सुनाया गया है। 




संतवाणी-सुधा सटीक, पुस्तक, स्वामी लाल दास जी महाराज टीकाकृत
संतवाणी-सुधा सटीक
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नानक वाणी 40 नानक सतिगुरु भेटियै भावार्थ सहित || सतगुरु की ऐसी महिमा सुनकर आप दंग रह जाएंगे नानक वाणी 40  नानक सतिगुरु भेटियै  भावार्थ सहित  || सतगुरु की ऐसी महिमा सुनकर आप दंग रह जाएंगे Reviewed by सत्संग ध्यान on 2/19/2021 Rating: 5

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