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8/10/2020

नानक वाणी 25, Saadhu-Santon ki Asalee tapasya । ज्ञान खड़ग ले मनु सिउ लूझे । भजन भावार्थ सहित -बाबा लालदास

गुरु नानक साहब की वाणी / 25

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" एक अनमोल कृति है। इस कृति में बहुत से संतवाणीयों को एकत्रित करके सिद्ध किया गया है कि सभी संतों का एक ही मत है।  इसी हेतु सत्संग योग एवं अन्य ग्रंथों में भी संतवाणीयों का संग्रह किया गया है। जिसका शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी अन्य महापुरुषों के द्वारा किया गया हैै। यहां संतवाणी-सुधा सटीक से संत सद्गरु बाबा  श्री गुरु नानक साहब जी महाराज   की वाणी  ''ज्ञान खड़ग ले मनु सिउ लूझे,....'' का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी बारे मेंं जानकारी दी जाएगी। जिसे पूज्यपाद  छोटेलाल दास जी महाराज ने लिखा है। 

इस भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन, पद्य, वाणी, छंद)  में बताया गया है कि- साधु-संतों की तपस्या भिन्न-भिन्न प्रकार की होती है, लेकिन जो आत्म कल्याणकारी है, वह तपस्या असल में कैसे की जाती है।  इन बातों की जानकारी  के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ समाधान पायेंगे। जैसे कि- गुरु नानक देव जी  के भजन भावार्थ सहित, संतों की तपस्या, तपस्या में लीन, तपस्या करने वाला, तपस्या का फल, तपस्या तपस्या, तपस्या का महत्व, तपस्या in Hindi, तपस्या, तपस्या का अर्थ, साधु की परिभाषा, इच्छा तपस्या,Kahai Kabir Kuchh Udyam Keejai,साधु की तपस्या,तपस्या का मंत्र, आदि। इन बातों को जानने के पहले, आइए !  सदगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज का दर्शन करें। 


इस भजन के पहले वाले भजन ''साध संगति महि ऋद्धि सिद्धी बुद्धि ज्ञानु,..'' को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं।


संत महात्माओं की असली तपस्या  क्या है?  इस पर चर्चा करते बाबा नानक
Saadhu-Santon ki Asalee tapasya

8/08/2020

नानक वाणी 24, How to get Riddhi Siddhi । साध संगति महि ऋद्धि सिद्धी बुद्धि ज्ञानु । भजन अर्थ सहित

गुरु नानक साहब की वाणी / 24

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" एक अनमोल कृति है। इस कृति में बहुत से संतवाणीयों को एकत्रित करके सिद्ध किया गया है कि सभी संतों का एक ही मत है।  इसी हेतु सत्संग योग एवं अन्य ग्रंथों में भी संतवाणीयों का संग्रह किया गया है। जिसका शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी अन्य महापुरुषों के द्वारा किया गया हैै। यहां संतवाणी-सुधा सटीक से संत सद्गरु बाबा  श्री गुरु नानक साहब जी महाराज   की वाणी  ''साध संगति महि ऋद्धि सिद्धी बुद्धि ज्ञानु,....'' का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी बारे मेंं जानकारी दी जाएगी। जिसे पूज्यपाद  छोटेलाल दास जी महाराज ने लिखा है। 

इस भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन, पद्य, वाणी, छंद)  में बताया गया है कि- साधु - संतों की संगति में ऋद्धि - सिद्धियाँ मिलती हैं और बुद्धि - ज्ञान बढ़ते हैं । शब्द - ध्यान में जब किसी को पाँच मंडलों के पाँच केन्द्रीय नाद मिलते हैं , तब वह मुक्त हो जाता है । जिसको पाँच केन्द्रीय शब्द मिलते हैं , वही प्रभु को पाता है  ।  इन बातों की जानकारी  के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ समाधान पायेंगे। जैसे कि- साधु संगति में ऋद्धि-सिद्धि, संगति पर दोहा, कुसंग से संबंधित दोहे, संगत से गुण होत है, ऋद्धि-सिद्धि का अर्थ, रिद्धि सिद्धि मीनिंग, रिद्धि सिद्धि वृद्धि होती,रिद्धि सिद्धि क्या है,रिद्धि सिद्धि कैसे प्राप्त करें रिद्धि सिद्धि कैसे प्राप्त होती है, रिद्धि सिद्धि कैसे होती है, रिद्धि सिद्धि कैसे प्राप्त की जाती है, रिद्धि सिद्धि कैसे आती है, रिद्धि सिद्धि कैसे लिखा जाता है, रिद्धि सिद्धि कैसे बनाएं, रिद्धि सिद्धि कैसे प्राप्त होगी, आदि। इन बातों को जानने के पहले, आइए !  सदगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज का दर्शन करें। 


इस भजन के पहले वाले भजन ''शब्द तत्तु बीर्ज संसार,..'' को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं।


रिद्धि सिद्धि ज्ञान ध्यान की प्राप्ति कैसे होती है? इस पर चर्चा करते सतगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज
रिद्धि सिद्धि की प्राप्ति पर चर्चा करते बाबा नानक

8/07/2020

नानक वाणी 23, Glory of adinad-onkar । शब्द तत्तु बीर्ज संसार । भजन भावार्थ सहित -बाबा लालदास

गुरु नानक साहब की वाणी / 23

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" एक अनमोल कृति है। इस कृति में बहुत से संतवाणीयों को एकत्रित करके सिद्ध किया गया है कि सभी संतों का एक ही मत है।  इसी हेतु सत्संग योग एवं अन्य ग्रंथों में भी संतवाणीयों का संग्रह किया गया है। जिसका शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी अन्य महापुरुषों के द्वारा किया गया हैै। यहां संतवाणी-सुधा सटीक से संत सद्गरु बाबा  श्री गुरु नानक साहब जी महाराज   की वाणी  ''शब्द तत्तु बीर्ज संसार,....'' का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी बारे मेंं जानकारी दी जाएगी। जिसे पूज्यपाद  छोटेलाल दास जी महाराज ने लिखा है। 

इस भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन, पद्य, वाणी, छंद)  में बताया गया है कि- सार शब्द- ईश्वर की आवाज है। सार शब्द के श्रोत को ढूंढना नादानुसंधान कहलाता है। यह संसार का बीज है। यह सब सगुण शब्दों से भिन्न ढंग का और अपरम्पार ( अपार ) है। शब्द में सुरत को लगाने से अर्थात् सुरत - शब्द - योग करने से प्रकाश ( अंतर्योति , ब्रह्मज्योति ) प्रकट हो आता है ।  इन बातों की जानकारी  के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ समाधान पायेंगे। जैसे कि- गुरु नानक दी बानी, गुरु नानक देव जी दी बानी,गुरु नानक देव जी के भजन,गुरु नानक देव जी  के भजन भावार्थ सहित, आदिनाद-ओंकार की महिमा, शब्द तत्तु बीर्ज संसार, सार शब्द का भेद, सारनाम क्या है, निःअक्षर क्या है,सारनाम मंत्र, सार शब्द' और उसकी धुन, सारशब्द क्या है, नि:अक्षर, सतनाम क्या है, सार अर्थ, क्षर अक्षर निःअक्षर, सोहंग क्या है? आदि। इन बातों को जानने के पहले, आइए !  सदगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज का दर्शन करें। 

इस भजन के पहले वाले भजन ''कर्ता भुगता करने जोग..'' को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं।

आदिनाद, ओंकार की महिमा का वर्णन करते सतगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज।
Glory of adinad-onkar

8/06/2020

नानक वाणी 22, What is the power of God । कर्ता भुगता करने जोग । भजन भावार्थ सहित -बाबा लालदास

गुरु नानक साहब की वाणी / 22

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" एक अनमोल कृति है। इस कृति में बहुत से संतवाणीयों को एकत्रित करके सिद्ध किया गया है कि सभी संतों का एक ही मत है।  इसी हेतु सत्संग योग एवं अन्य ग्रंथों में भी संतवाणीयों का संग्रह किया गया है। जिसका शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी अन्य महापुरुषों के द्वारा किया गया हैै। यहां संतवाणी-सुधा सटीक से संत सद्गरु बाबा  श्री गुरु नानक साहब जी महाराज   की वाणी  ''कर्ता भुगता करने जोग,....'' का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी बारे मेंं जानकारी दी जाएगी। जिसे पूज्यपाद  छोटेलाल दास जी महाराज ने लिखा है। 

इस भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन, पद्य, वाणी, छंद)  में बताया गया है कि- ईश्वर की साम‌र्थ्य क्या है? ईश्वर सर्वशक्तिमान है।  परमेश्वर वह सर्वोच्च परालौकिक शक्ति है जिसे इस संसार का सृष्टा और शासक कहते है ।  इन बातों की जानकारी  के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ समाधान पायेंगे। जैसे कि- ईश्वर सर्वशक्तिमान है, ईश्वर की साम‌र्थ्य, ईश्वर की शक्ति, ईश्वर की शक्ति क्या है,  ईश्वर की शक्ति कैसे प्राप्त करें,  ईश्वर की दिव्य शक्तियों का संकेत,  ईश्वर शक्ति, ईश्वर शक्ति क्या है, ईश्वर शक्ति वीडियो, ईश्वर का अस्तित्व - GYAN VIGYAN,ईश्वर का स्वरूप, क्या ईश्वर सत्य है, ईश्वर के अस्तित्व के प्रमाण, ईश्वर का शाब्दिक अर्थ, आदि। इन बातों को जानने के पहले, आइए !  सदगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज का दर्शन करें। 

इस भजन के पहले वाले भजन ''शब्द सुरति की साखी बूझै...'' को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं।

ईश्वर की शक्ति क्या है ? इस पर चर्चा करते हुए सतगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज।
ईश्वर कैसा सामर्थ्यवान है? पर चर्चा करते बाबा नानक

नानक वाणी 21, Surat-shabd-yog kee baaten। शब्द सुरति की साखी बूझै । भजन भावार्थ सहित -बाबा लालदास

गुरु नानक साहब की वाणी / 21

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" एक अनमोल कृति है। इस कृति में बहुत से संतवाणीयों को एकत्रित करके सिद्ध किया गया है कि सभी संतों का एक ही मत है।  इसी हेतु सत्संग योग एवं अन्य ग्रंथों में भी संतवाणीयों का संग्रह किया गया है। जिसका शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी अन्य महापुरुषों के द्वारा किया गया हैै। यहां संतवाणी-सुधा सटीक से संत सद्गरु बाबा  श्री गुरु नानक साहब जी महाराज   की वाणी  ''शब्द सुरति की साखी बूझै,....'' का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी बारे मेंं जानकारी दी जाएगी। जिसे पूज्यपाद  छोटेलाल दास जी महाराज ने लिखा है। 

इस भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन, पद्य, वाणी, छंद)  में बताया गया है कि-दशम द्वार में भट्ठी चूती है अर्थात् दशम द्वाररूप भट्ठी से ज्योति और शब्दरूप अमृत की बूंदें टपकती हैं । इस अमृत का पान सुरत-शब्द-योग या ओंकार (ॐ) उपासना या साधना द्वारा किया जाता है ।  इन बातों की जानकारी  के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ समाधान पायेंगे। जैसे कि- गुरु नानक देव जी  के भजन भावार्थ सहित, सुरत-शब्द-योग की बातें, सुरत शब्द योग मेडिटेशन तकनीक, सुरत शब्द योग पीडीऍफ़, सुरत शब्द साधना, सुरत शब्द का अर्थ,सुरति शब्द योग
सुरत का अर्थ, सूरत शब्द, शब्द सुरती योग, शब्द युग्म, Surat Shabad Yog, सूरत का अर्थ, सुरति शब्द साधना, आदि। इन बातों को जानने के पहले, आइए !  सदगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज का दर्शन करें-

इस भजन के पहले वाले भजन ''ओअंकार निरमल सत वाणि,...'' को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं।

सुरत शब्द योग की महिमा का वर्णन करते सतगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज।
सुरत शब्द योग की महिमा का वर्णन करते बाबा नानक

8/05/2020

नानक वाणी 20, Omkar Mahima । ओअंकार निरमल सत वाणि । भजन भावार्थ सहित -बाबा लालदास

गुरु नानक साहब की वाणी / 20

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" एक अनमोल कृति है। इस कृति में बहुत से संतवाणीयों को एकत्रित करके सिद्ध किया गया है कि सभी संतों का एक ही मत है।  इसी हेतु सत्संग योग एवं अन्य ग्रंथों में भी संतवाणीयों का संग्रह किया गया है। जिसका शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी अन्य महापुरुषों के द्वारा किया गया हैै। यहां संतवाणी-सुधा सटीक से संत सद्गरु बाबा  श्री गुरु नानक साहब जी महाराज   की वाणी  ''ओअंकार निरमल सत वाणि,....'' का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी बारे मेंं जानकारी दी जाएगी। जिसे पूज्यपाद  छोटेलाल दास जी महाराज ने लिखा है। 

इस भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन, पद्य, वाणी, छंद)  में बताया गया है कि-अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए लोग तरह-तरह के मंत्रों का जप करते हैं, उनमें ओंकार (ॐ) सर्वश्रेष्ठ है। यह ईश्वर का वाचक है। ओंकार से ही सारी सृष्टि हुई है। Omkar Mahima, ओंकार (ॐ) उपासना की विधि और महिमा ।  इन बातों की जानकारी  के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ समाधान पायेंगे। जैसे कि- onkaar ke bhajan, onkaar ke baare mein bataie, onkaar ke naam ke kar, onkaar ke naam se wark, onkaar ke phaayade, onkaar ke baare mein, आदि। इन बातों को जानने के पहले, आइए !  सदगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज का दर्शन करें। 

इस भजन के पहले वाले भजन ''ज्ञान बोलै आपै बूझै,...'' को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं।

ओंकार की महिमा को गाते हुए सतगुरु बाबा नानक साहिब जी महाराज
ओंकार की महिमा गाते हुए बाबा नानक

8/04/2020

नानक वाणी 19, Receipt of precious gems from Guru devotion । ज्ञान बोलै आपै बूझै। भजन भावार्थ सहित -मेंहीं

गुरु नानक साहब की वाणी / 19

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज की भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" एक अनमोल कृति है। इस कृति में बहुत से संतवाणीयों को एकत्रित करके सिद्ध किया गया है कि सभी संतों का एक ही मत है। इसी कृति में  संत श्री गुरु नानक साहब जी महाराज   की वाणी  ''ज्ञान बोलै आपै बूझै,....'' का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया है। जिसे पूज्यपाद  सद्गुरु महर्षि  मेंहीं परमहंस जी महाराज ने लिखा है। यहां उसी के बारे मेंं जानकारी दी जाएगी।

इस भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन, पद्य, वाणी, छंद)  में बताया गया है कि-भक्ति तत्व को एक बहुमूल्य रत्न कहा जा सकता है।  संतों ने 84 रत्नों की बात कही हैं ? प्राचीनकाल से ही बहुमूल्‍य रत्‍नों के माध्‍यम से सौभाग्‍य और आरोग्‍य की प्राप्ति होती है। संतों ने धन, भाग्य, विवेक और मोक्ष की प्राप्ति हेतु गुरु-भक्ति की बात कही है।   इन बातों की जानकारी  के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ समाधान पायेंगे। जैसे कि- कीमती पत्थरों के नाम, रत्नों के अंग्रेजी नाम, रत्न मराठी, पंच रत्नों के नाम, रत्न की पहचान, रत्न शास्त्र,भक्तों की भक्ति में शक्ति,गुरु रत्न,नीलम हीरे के बाद बहुमूल्य गुरु रत्न पुखराज,रत्न ज्ञान, रत्न सूची, रत्न की पहचान, पन्ना क्या है, पुखराज कैसे बनता है, रत्न शास्त्र आदि। इन बातों को जानने के पहले, आइए !  सदगुरु बाबा नानक साहब जी महाराज का दर्शन करें। 

इस भजन के पहले वाले भजन ''हम घरि साजन आए,...'' को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं।

गुरु भक्ति से बहुमूल्य पदार्थों की प्राप्ति पर चर्चा करते हुए सतगुरु बाबा नानक साहब।
गुरु-भक्ति से बहुमूल्य रत्नों की प्राप्ति पर चर्चा करते बाबा जी

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