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6/30/2020

Surdas 04, Master glory । गुरु बिन ऐसी कौन करें । भजन भावार्थ सहित

संत सूरदास की वाणी  / 04

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज प्रमाणित करते हुए "संतवाणी सटीक"  भारती (हिंदी) पुस्तक में लिखते हैं कि सभी संतों का मत एक है। इसके प्रमाण स्वरूप बहुत से संतों की वाणीओं का संग्रह कर उसका शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया हैं। इसके अतिरिक्त भी "सत्संग योग" और अन्य पुस्तकों में संतवाणीयों का संग्रह है। जिसका टीकाकरण पूज्यपाद लालदास जी महाराज और अन्य टीकाकारों ने किया है। यहां "संतवाणी-सुधा सटीक" में प्रकाशित भक्त  सूरदास जी महाराज  की वाणी "गुरु बिन ऐसी कौन करें,... '  का शब्दार्थ और भावार्थ पढेंगे। 

इस पद में आप पाएंगे- भक्त सूरदास जी महाराज की अपने गुरु के प्रति हार्दिक अभिव्यक्ति, हृदय की उद्गार, गुरु महिमा आदि बातों के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ उत्तर जैसे कि- सूरदास के भजन, सूरदास के भजन वीडियो में, सूरदास के भजन वीडियो, सूरदास के भजन दीजिए, सूरदास के भजन भेजो, सूरदास के भजन, तमूरा सूरदास के भजन, निर्गुण भजन भक्त सूरदास के जी,भजन कीर्तन आदि बातों के बारे में। इन बातों को पढ़ने के पहले आइए भक्तप्रवर सूरदास जी महाराज और टीकाकार के दर्शन करें।

इस भजन के  पहले वाले पद्य को पढ़ने के लिए    यहां दबाएं।

भक्त सूरदास जी महाराज गुरु महिमा भजन गाते हुए तथा टीकाकार विचार-विमर्श करते हुए।
गुरु महिमा भजन गाते हुए सूरदास जी महाराज

6/28/2020

गोरख वाणी 01 । How should a saint master be made? । अवधू ऐसा ज्ञान विचारी । भावार्थ सहित

महायोगी गोरखनाथ की वाणी / 01

      प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" से महायोगी संत श्रीगोरखनाथ जी महाराज की वाणी - ' अबधू ऐसा ज्ञान विचारी,..' को भावार्थ सहित पढेंगे, सुनेंगे। जिसे सद्गुरु महर्षि  संतसेवी जी महाराज ने लिखा है।

इस God (कविता, पद्य, वाणी, छंद, भजन) "अवधू ऐसा ज्ञान विचारी,..." में बताया गया है कि- मनुष्य जीवन में संत सतगुरु की आवश्यकता क्यों है? संत सद्गुरु कैसे को बनाना चाहिए?  कौन-सा सद्गुरु जीवो का उद्धार करने में समर्थ है? गुरु बनाने में क्या सावधानी रखनी चाहिए? कैसे चुनें अपना गुरु? गुरु के गुण क्या होते है? सच्चा गुरु किसे कहते है? गुरु कैसा होना चाहिये? गुरु विचार,सही गुरु को कैसे पहचाने?Guru Hindi, गुरु कैसा होना चाहिए, गुरु दीक्षा विधि, गुरु का प्यार कैसे प्राप्त करें, प्राचीन गुरु के गुणों गुण, सच्चा गुरु किसे कहते हैं?कैसे बनाते हैं,शिव को गुरु कैसे बनाएं? किसी को अपना गुरु कैसे बनाएं, गुरु कैसे बनाते हैं, सच्चे गुरु को कैसे पहचाने, गुरु की आवश्यकता, आदि बातें। तो आइए पढ़ते हैं।

इस भजन के पहले सदगुरु मछेन्द्रनाथ जी महाराज की वाणी को  अर्थ सहित पढ़ने के लिए    यहां दबाएं।


गुरु कैसा होना चाहिए? इसपर उपदेश देते हुए महायोगी गोरखनाथ जी महाराज।
गुरु कैसा होना चाहिए?

6/27/2020

कबीर वाणी 06 । Fruit of sadguru grace । गुरुदेव बिन जीवन की कल्पना ना मिटै । भजन भावार्थ सहित

संत कबीर साहब की वाणी / 06

    प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" से संत श्री कबीर साहब जी की वाणी "गुरुदेव बिन जीवन की कल्पना ना मिटै...' भजन का शब्दार्थ, भावार्थ पढेंगे। जिसे सद्गुरु महर्षि  मेंहीं परमहंस जी महाराज ने लिखा है।

संत सद्गुरु कबीर साहब जी महाराज की इस गुरु भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन,भजन कीर्तन, पद्य, वाणी, छंद) "गुरुदेव बिन जीवन की कल्पना ना मिटै,..." में बताया गया है कि- मनुष्य के जीवन में गुरु की अत्यंत आवश्यकता है। शिष्य के लिए गुरु की महत्ता, गुरु का अर्थ, जीवन में गुरु का महत्व कविता, गुरु महिमा, गुरु महिमा कहानी, गुरु, गुरु पूर्णिमा। इन बातों के साथ-साथ निम्नलिखित बातों पर भी कुछ-न-कुछ चर्चा मिलेगा। जैसे कि- संतवाणी अर्थ सहित,संतमत भजन,कबीर वाणी अर्थ सहित, सदगुरु, sant kabir vani in hindi, kabir amritwani, kabir das ke bhajan, कबीर के भजन शब्दार्थ भावार्थ सहित, सद्गुरु की सद्युक्ति, कबीर वाणी,सद्गुरु कृपा का फल,  गुरु की महिमा पर निबंध, गुरु-भक्ति पर निबंध, आदि बातें।

सदगुरु कबीर साहब के इस भजन के पहले वाले भजन को अर्थ सहित पढ़ने के लिए    यहां दबाएं।


संत कबीर साहब और टीकाकार महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज
संत कबीर साहब और टीकाकार

नानक वाणी 02 । Guru diksha urgency । जैसे जल में कमल निरालमु । भावार्थ सहित -महर्षि मेंहीं

गुरु नानक साहब की वाणी / 02

    प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" से संत श्री गुरु नानक साहब की वाणी "जैसे जल में कमल निरालमु...' भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी पढेंगे। जिसे सद्गुरु महर्षि  मेंहीं परमहंस जी महाराज ने लिखा है।

संत सद्गुरु नानक साहब जी महाराज की इस God भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन,भजन कीर्तन, पद्य, वाणी, छंद) "जैसे जल में कमल निरालमु,..." में बताया गया है कि- बिना सद्गुरु की सेवा किए योग - साधन नहीं होता है । सद्गुरु की प्राप्ति के बिना मोक्ष नहीं मिलता ।। सद्गुरु की प्राप्ति के बिना ईश्वर का नाम नहीं प्राप्त किया जाता । इन बातों के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नों के भी कुछ-न-कुछ उत्तर इस भजन में दिया गया है जैसे कि- सब कुछ अपने शरीर के अंदर ही है। बाहर में परमात्मा को खोजना अपने आपको धोखे में रखने के जैसा कि- नानक bhajan list, नानक वाणी अर्थ सहित, गुरु नानक वाणी भजन, guru nanak dev ji ki bani, gurbani,guru nanak ji ki vani, nanak ke bhaja in hindi with meaning, guru nanak ki gurbani, gurbani video, भक्ति, भक्ति के गाने, भक्ति के गाना, भक्ति के भजन, भक्ति के गीत, भक्ति के गाना वीडियो, भक्ति के प्रकार, आदि बातें।

इस भजन के पहले वाले भजन "जोगु न खिंथा जोग न डंडै" को भावार्थ सहित पढ़ने के लिए   यहां दबाएं।


टीकाकार सद्गुरु महर्षि मेंही और बाबा नानक भजन गाते हुए।
टीकाकार और धन धन सतगुरु नानक देव जी महाराज

6/25/2020

P89-How do guru-भजो साध गुरु साध गुरु साध गुरु ऐ- महर्षि मेंहीं पदावली - God Bhajan अर्थ सहित

महर्षि मेंहीं पदावली / 89

       प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 89वें पद्य  "भजो साध गुरु साध गुरु साध गुरु ऐ,....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है।

इस God (कविता, पद्य, वाणी, छंद, भजन) "सर्वेश्वरं सत्य शांति स्वरूपं,..." में बताया गया है कि- कैसे चुनें अपना गुरु? गुरु के गुण क्या होते है? सच्चा गुरु किसे कहते है? गुरु कैसा होना चाहिये? गुरु विचार,सही गुरु को कैसे पहचाने?Guru Hindi, गुरु कैसा होना चाहिए, गुरु दीक्षा विधि, गुरु का प्यार कैसे प्राप्त करें, प्राचीन गुरु के गुणों गुण, सच्चा गुरु किसे कहते हैं?कैसे बनाते हैं,शिव को गुरु कैसे बनाएं? किसी को अपना गुरु कैसे बनाएं, गुरु कैसे बनाते हैं, सच्चे गुरु को कैसे पहचाने, गुरु की आवश्यकता, गुरु कैसे होते हैं? गुरु क्या-क्या कर सकते हैं? गुरु कौन हो सकते हैं? सतगुरु कौन है? असली गुरु कौन है? पूर्ण गुरु कौन है?सद्गुरु कौन है? गुरु की आवश्यकता क्या है? आदि बातें। तो आइए पढ़ते हैं। 

इस पद्य के  पहले वाले पद्य को पढ़ने के लिए  
यहां दबाएं।


गुरु के गुणों का बखान करते हुए गुरुदेव, सद्गुरु महर्षि मेंही गुरु गुणगान करते, महर्षि मेंहीं भजन गाते हुए,
गुरु के गुणों का बखान करते हुए सदगुरुदेव

6/24/2020

P109-Fruit of the guru's service-सतगुरु सेवत गुरु को सेवत-पदावली भजन अर्थ सहित

महर्षि मेंहीं पदावली / 109

प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" के 109वां भजन-"सतगुरु सेवत गुरु को सेवत, मिटत सकल दुख झेला रे,....'  का पूज्यपाद स्वामी संतसेवी जी महाराज एवं पूज्य पाद लाल दास जी महाराज का किया हुआ शब्दार्थ , भावार्थ और टिप्पणी के बारे में।

महर्षि मेंहीं पदावली के इस भजन से साफ झलकता है कि गुरु सेवा का महत्व क्या है? गुरु सेवा क्या है? गुरु सेवा, गुरु सेवा का महत्व, मात पिता गुरु सेवा, गुरु मेरी पूजा, गुरु सेवा कशी करावी, गुरु सेवा ते भगत कमाई, गुरु सेवा ते भक्ति कमाई,सेवा का महत्व - साखी,गुरु सेवा की महिमा, guru ki mahima ke dohe in hindi, guru ki mahima in hindi, गुरु की सेवा सफल है,सतगुरु की सेवा सफल है, महर्षि मेंही भजन आदि बातें।

इस पद्य के  पहले वाले पद्य को पढ़ने के लिए

सद्गुरु महर्षि मेंही निवास, महर्षि मेंही आश्रम कुप्पाघाट का एक दृश्य,
सद्गुरु महर्षि मेंही निवास

कबीर वाणी 04 । Why need a true guru । बिनु गुरु ज्ञान नाम नहिं पैह़ो । भजन भावार्थ सहित

संत कबीर साहब की वाणी / 04

    प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" से संत श्री कबीर साहब की वाणी "बिनु गुरु ज्ञान नाम नहिं पैहो...' भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी पढेंगे। जिसे सद्गुरु महर्षि  मेंहीं परमहंस जी महाराज ने लिखा है।

गुरु एक शरीर है या ज्ञान? गुरु कहाँ मिलेंगे? कितने प्रकार के गुरु होते हैं? क्या बिना गुरू के भी ज्ञान प्राप्ति संभव है? ज्ञानी पुरुष गुरु और शिष्य तथा अध्यात्मिक गुरु इनमें आप से संबंध क्या है? आदि बातों को समझाते हुए सदगुरु कबीर साहब कहते हैं-- "बिनु गुरु ज्ञान नाम नहिं पैहो,... इस बानी का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी पढ़ते-पढ़ते हम लोग निम्नांकित बातों को भी समझ जाएंगे जैसे कि गुरु ज्ञान की बातें, एस्ट्रोलॉजी गुरु ज्ञान, गुरु ज्ञान बुक्स, गुरु कौन है? गुरु भजन, गुरु महिमा, गुरुजी का ज्ञान, गुरु ज्ञान की भांग पिलाई, गर्भ ज्ञान, गुरु मंत्र, गुरु के बिना ज्ञान नहीं कविता आदि बातें।

सदगुरु कबीर साहब के इस भजन के पहले वाले भजन को अर्थ सहित पढ़ने के लिए    यहां दबाएं।


संत कबीर साहब और टीकाकार सद्गुरु महर्षि मेंही परमहंस जी महाराज कबीर वाणी अर्थ सहित
संत कबीर साहब और टीकाकार 

कबीर वाणी 02 । Why need guru । जिनकी लगन गुरु सो नाहीं । गुरु महिमा भजन अर्थ सहित

संत कबीर साहब की वाणी / 02

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" से संत श्री कबीर साहब की वाणी "जिनकी लगन गुरु सो नाहीं...' भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी पढेंगे। जिसे पूज्य पाद लाल दास जी महाराज ने लिखा है। 

संत सद्गुरु कबीर साहब जी महाराज की इस God भजन (कविता, गीत, भक्ति भजन,भजन कीर्तन, पद्य, वाणी, छंद) "जिनकी लगन गुरु सों नाहीं, ।,..." में बताया गया है कि- जो लोग गुरु दीक्षा नहीं लेते हैं उनकी गति कैसी होती है इस संबंध में संत कबीर साहब के यह भजन स्पष्ट रूप से वर्णन करती है। इससे गुरु महिमा का बोध होता है, जिनके जीवन में संत सद्गुरु नहीं होते हैं उनका जीवन कैसा होता है। साथ-ही-साथ निम्नांकित बातों  के बारे में भी कुछ न कुछ पता चलता है- ,कबीर वाणी में सतगुरु महिमा,सदगुरु, kabir vani audio,sant kabir vani in hindi,kabir amritwani, kabir vani hindi,kabir das ke bhajan,कबीर के पद अर्थ सहित,कबीर वाणी अमृत संदेश, Why need guru,गुरु भजन,जैन गुरु भक्ति,शिव गुरु का भक्ति गाना,गुरु भक्ति की कहानी,पंच महा गुरु भक्ति,सतगुरु भक्ति संगीत,गुरु वंदना,गुरु संगीत, आदि बातें।

सदगुरु कबीर साहब के इस भजन के पहले वाले भजन को अर्थ सहित पढ़ने के लिए    यहां दबाएं।


संत कबीर साहब,
संत कबीर साहब

कबीर वाणी 05 । Empathy Of Sadguru । गुरुदेव के भेद को जीव जानें नहिं । भजन भावार्थ सहित

संत कबीर साहब की वाणी / 05

    प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" से संत श्री कबीर साहब की वाणी "गुरुदेव के भेद को जीव जानें नहिं...' भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी पढेंगे। जिसे सद्गुरु महर्षि  मेंहीं परमहंस जी महाराज ने लिखा है

सदगुरु कबीर साहब की इस वाणी (कविता, गीत, भक्ति भजन,भजन कीर्तन, पद्य, वाणी, छंद) में गुरु महिमा से संबंधित निम्नांकित बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया है। जैसे- गुरु की सेवा, गुरु की महिमा पर अनमोल वचन, आचरण की महिमा, गुरु कविता कोश,शब्द की महिमा, गुरु की सेवा और आज्ञा पालन की महिमा,सद्गुरु की महिमा in Hindi,कबीर दास की ग़ज़लें, Kabir Gyan, कबीर के अनुसार गुरु ने क्या उपकार किया है, साहब से सब होत है, सतगुरु के दोहे, कबीर परमात्मा के दोहे, कबीर का ज्ञान मार्ग, आदि बातें।

सदगुरु कबीर साहब के इस भजन के पहले वाले भजन को अर्थ सहित पढ़ने के लिए    यहां दबाएं।


सदगुरु कबीर साहब और टीकाकार, कबीर साहब और सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज आपस में वाणी पर विचार करते।
संत कबीर साहब और टीका कार

6/18/2020

P14, Description of qualities worthy of Sadhguru "नमामि अमित ज्ञान,..." महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित

महर्षि मेंहीं पदावली / 14

      प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 14 वां, पद्य- "नमामि अमित ज्ञान,..." का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है।
इस सद्गुरु-स्तुति (कविता, पद्य, वाणी, छंद, भजन) "नमामि अमित ज्ञान,..." में बताया गया है कि- सतगुरु महाराज का स्तुति,महर्षि मेंहीं का स्तुति,महर्षि मेंही का स्तुति विनती,संतमत,Sadhguru Hindi,निखिल मंत्र विज्ञान,गुरु के गुण,गुरु को समर्पित, Definition of Guru,Qualities of Guru,क्या होता है गुरु का अर्थ,सच्चा गुरु कैसा होना चाहिए,गुरु किसे कहते है,गुरु बनाने के नियम, गुरु और शिष्य का संबंध,guru हिंदी,गुरु आखिर गुरु होता है,आत्म ज्ञान कैसे होता है,गुरु कैसे बनाएं आदि।

इस पद्य के  पहले वाले पद्य को पढ़ने के लिए   यहां दबाएं

P14, Description of qualities worthy of Sadhguru "नमामि अमित ज्ञान,..." महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित। सद्गुरु महर्षि मेंहीं और टीकाकार लाल दास जी महाराज
सद्गुरु महर्षि मेंहीं और टीकाकार लाल दास जी महाराज

6/17/2020

P111, Importance of the Guru's grace, "बिना गुरु की कृपा पाये,...'' महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित

महर्षि मेंहीं पदावली / 111

    प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 111वां पद्य  "बिना गुरु की कृपा पाये....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में; जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है। 

इस गुरु कृपा भजन ( गुरु भजन, गुरु का महत्व की कविता, गुरु कृपा पंद्य, गुरु कृपा वाणी ) में  जीवन में गुरु का महत्व, गुरु और शिष्य का संबंध, गुरु कृपा ही केवलम, गुरु का अर्थ, गुरु कृपा सड़क पर पड़ी नहीं मिलती, गुरु कौन है? सद्गुरु कौन है? असली गुरु कौन है? पूर्ण गुरु कौन है? गुरु की आवश्यकता क्यों है? आदि बातों का कुछ-ना-कुछ  समाधान दिया गया है।

इस पद्य के  पहले वाले पद्य को पढ़ने के लिए  यहां दबाएं।

P111, Importance of the Guru's grace, "बिना गुरु की कृपा पाये,...''  महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित। जीवन में गुरु कृपा की आवश्यकता पर चर्चा करते गुरुदेव।
जीवन में गुरु कृपा की आवश्यकता पर चर्चा करते गुरुदेव।

6/10/2020

P112, (ख) guru bhajan-guru bhakti geet, "करिये भाई सतगुरु गुरु पद सेवा,..." महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित

महर्षि मेंहीं पदावली / 112

      प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 112 वें पद्य  "करिये भाई सतगुरु गुरु पद सेवा....''  का शब्दार्थ, भावार्थ के  बारे में। जिसे पूज्यपाद श्रीधर दास जी महाराज नेे किया है।

इसमें बताया गया है- धर्मशास्त्र कहता है- "तेषु सर्वप्रत्नेन सेव्यो हि परमो गुरुः" "गुरु बिना गति नस्ति" इससे गुरु महिमा प्रत्यक्ष है। ब्रह्म निष्ठ गुरु की सेवा का महत्त्व, गुरु कृपा प्राप्त व्यक्ति ही समझ सकता है। इससे गुरु के प्रति पवित्र प्रेम, इत्यादि की जानकारी होती है। संत सद्गुरु की सेवा से क्या-क्या लाभ होता है। गुरु से गुरु विमुख लोगों की गति,गुरु के प्रति पवित्र प्रेम,ब्रह्म निष्ठ गुरु की सेवा का महत्व इत्यादि की जानकारी होती है। तेषु सर्वप्रत्नेन सेव्यो हि परमो गुरुः,Guru Bina Gati Nasti,गुरु बिना गति नस्ति,काल पर कविता,भक्ति करे कोई सूरमा,मन पर कविता,शब्द की महिमा पर शायरी,कबीर कविता कोश,मध्ययुगीन काव्य भक्ति महिमा,जीवन कविता कोश,भक्ति पर कविताएं इत्यादि बातें।

इस भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी पूज्यपाद छोटेलाल दास जी महाराज जी महाराज ने भी किया है, उसे पढ़ने के लिए          यहां दबाएं।

P112,guru bhajan-guru bhakti geet, करिये भाई सतगुरु गुरु पद सेवा,महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित
गुरुदेव के विभिन्न रूप

P112, Speed of people Guru alienated "करिए भाई सतगुरु गुरु पद सेवा।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

महर्षि मेंहीं पदावली / 112

प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 112वां पद्य  "करिए भाई सतगुरु गुरु पद सेवा।....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है।

इस Santmat meditations भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद) "करिए भाई सतगुरु गुरु पद सेवा।,..." में बताया गया है कि- गुरु विमुख लोगों की गति क्या होती है? मौत निश्चित है, फिर व्यक्ति को ऐसा कौन-सा काम करना चाहिए, जिससे लोक-परलोक सुधर जाए? इत्यादि बातों के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नें भी विचारनीय हैं- भजन अर्थ सहित, कुप्पाघाट का भजन, करिए भाई सतगुरु गुरु पद सेवा, निगुरा की गति, गुरु विमुख लोगों की गति,तेषु सर्वप्रत्नेन सेव्यो हि परमो गुरुः,Guru Bina Gati Nasti,गुरु बिना गति नस्ति,गुरु के प्रति पवित्र प्रेम,गुरुभक्तियोग,ब्रह्म निष्ठ,काल पर कविता,भक्ति करे कोई सूरमा,मन पर कविता,शब्द की महिमा पर शायरी,कबीर कविता कोश,मध्ययुगीन काव्य भक्ति महिमा,जीवन कविता कोश,भक्ति पर कविताएं।

इस पद्य के  पहले वाले पद्य को पढ़ने के लिए  
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P112, (क)  Speed of people  Guru alienated "करिए भाई सतगुरु गुरु पद सेवा।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

3/01/2020

P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

महर्षि मेंहीं पदावली / 114

प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 114वां पद्य  "सम दम और नियम यम दस दस।....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद श्रीधर दास जी महाराज और पूज्यपाद संतसेवी जी महाराज  नेे किया है।

इस Santmat meditations भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद) "सम दम और नियम यम दस दस,..." में बताया गया है कि- पूरे एवं सच्चे सद्गुरु की प्राप्ति से क्या-क्या लाभ होते हैं? संत सद्गुरु शिशु को क्या-क्या प्रदान करते हैं। इत्यादि बातों के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नें भी विचारनीय हैं- सद्गुरु से होने वाले लाभ,सद्‌गुरु का परिचय, Sadhguru Intro, Sadhguru Hindi, कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता क्यों नहीं,सफल होने की एक शानदार ट्रिक,सद्गुरु प्रवचन,सद्गुरु वीडियो,प्राचीन गुरु की विशेषताएं,गुरु और शिष्य का रिश्ता, गुरु शिष्य संबंध निबंध,गुरु शिष्य सम्बन्ध पर निबंध,गुरु और शिष्य का पारस्परिक संबंध,गुरु शिष्य की कहानियाँ,गुरु शिष्य परंपरा मराठी,गुरु शिष्य परंपरा पर निबंध,गुरु की परिभाषा,गुरु दक्षिणा की परंपरा,शिष्य के गुण,गुरु दक्षिणा की कहानी।

इस पद्य के  पहले वाले पद्य को पढ़ने के लिए  
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प्राचीन गुरु की सेवा से लाभ पर चर्चा।

P113, Search for sadhguru "आगे माई सतगुरु खोज करहु सब मिलिके।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

महर्षि मेंहीं पदावली / 113

प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 113वां पद्य  "आगे माई सतगुरु खोज करहु सब मिलिके।....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद श्रीधर दास जी महाराज और पूज्यपाद संतसेवी जी महाराज  नेे किया है।

इस Santmat meditations भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद) "आगे माई सतगुरु खोज करहु सब मिलिके,..." में बताया गया है कि- मनुष्य जन्म को सफल बनाने का एकमात्र उपाय है-- संत सतगुरु की खोज करके उनकी शरण ग्रहण करना। इत्यादि बातों के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नें भी विचारनीय हैं- प्राचीन गुरु की विशेषताएं,गुरु बनाने के नियम,सच्चे गुरु को कैसे पहचाने,सच्चा गुरु किसे कहते हैं,सच्चा शिष्य,गुरु,गुरु की खोज कैसे करें,गुरु महात्म्य,सद्गुरु की खोज,कैसे चुनें अपना गुरु,सच्चे गुरु की खोज कैसे करे, sachche guru ki khoj kaise kare,गुरु की आवश्यकता क्यों है,आध्यात्मिक गुरु कों किस तरह पसंद करना चाहिए,गुरु की पहचान,गुरु के बताये रास्ते पर चल कर ही भगवान तक पहुँच,मानव जीवन में गुरु की आवश्यकता,गुरु की परिभाषा,गुरु बनाना क्यों जरूरी है,प्राचीन गुरु की विशेषता।

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P113, Search for sadhguru "आगे माई सतगुरु खोज करहु सब मिलिके।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। गुरु भक्ति में लीन संतसेवी जी महाराज
गुरु भक्ति में लीन संतसेवी जी महाराज


2/29/2020

P110, Who is the luckiest in the world "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

महर्षि मेंहीं पदावली / 110

प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 110 वां पद्य  "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है।

इस Santmat meditations भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद) "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं,..." में बताया गया है कि- महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित के अनुसार दुनिया में सबसे भाग्यशाली व्यक्ति कौन है? जो अपने सभी दुखों से छुटकारा पाने का उपाय जानता है और उसके अनुसार चल रहा है? । इत्यादि बातों के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नें भी विचारनीय हैं- सत्संग ध्यान,महर्षि मेंहीं पदावली, भजन अर्थ सहित, कुप्पाघाट का भजन,आदिगुरु परमात्मा, संत सतगुरु और शिष्य, सत साहेब कौन है,सतलोक कैसा है,सत सुकृत अविगत कबीर,शब्द स्वरूपी राम,श्रीराम जी का सबसे बड़ा भाग्यशाली भक्त कौन है,सबसे भाग्यशाली व्यक्ति कौन है? सबसे महान व्यक्ति तथा सबसे भाग्यशाली इंसान कौन है?आपके अनुसार दुनिया में सबसे भाग्यशाली व्यक्ति कौन है?सबसे बड़ा भाग्यशाली कौन है, Sabse Bada Bhagyashali Kon hai.

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P110, Who is the luckiest in the world "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। सबसे बड़ा भाग्यशाली कौन विषय पर चर्चा करते गुरुदेव।
सबसे बड़ा भाग्यशाली कौन बिषय पर चर्चा करते गुरुदेव।

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