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9/04/2018

गो.तुलसी दास 01, The process of making man, "लाभ कहां मानुष तन पाये..." चेतावनी भजन, भावार्थ सहित

गो. तुलसीदास जी की वाणी / 01

प्रभु प्रेमियों ! संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "संतवाणी सटीक" से गोस्वामी तुलसीदास जी महाराज की वाणी "लाभ कहां मांनुस तन पाए'..' भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी पढेंगे। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज ने लिखा है। इसमें बताया गया है कि मनुष्य बार-बार जन्मने-मरने का दुख भी भूल जाता है। संत लोग बताते हैं कि मनुष्य जन्म अनमोल है। jeevan ki visheshta,क्या है। मनुष्य बनाने की विधि,मनुष्य बनाने की अध्यात्मिक क्रिया, मनुष्य बनाने की प्रक्रिया, मनुष्य में मनुष्यता बनाने की विधि, क्या है? 

गो.तुलसी दास 01,  The process of making man, "लाभ कहां मानुष तन पाये..." चेतावनी भजन, भावार्थ सहित। गोस्वामी जी महाराज पद्य लिखते हुए
गोस्वामी जी महाराज पद लिखते हुए

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