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P27, What are the demands of Gurudev, "अपनी भगतिया सतगुरु साहब,...'' महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित

महर्षि मेंहीं पदावली / 27

 प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 27वें पद्य  "अपनी भगतिया सतगुरु साहब....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद संंतसेवी जी  महाराज और पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है।
 इस सद्गुरु भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद, भजन) "अपनी भगतिया सतगुरु साहब,..." में बताया गया है कि- prayer kya hai hindi, masihi prathana kaise kare, prarthana ke prakar, parmeshwar se kaise prathna kare,  prathna kaise kare, Maharshi prayer in hindi, importance of prayer in hindi. के बारे में विशेष रूप से बताया गया है।


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P27, What are the demands of Gurudev, "अपनी भगतिया सतगुरु साहब,...'' महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित। सद्गुरु महर्षि मेंही और टीकाकार-पूज्य पाद संतसेवी जी महाराज।
सद्गुरु महर्षि मेंहीं और टीकाकार- पूज्यपाद संतसेवी जी महाराज

What are the demands of Gurudev, "अपनी भगतिया सतगुरु साहब,...'' 

सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज जी  कहते हैं-कि हे मेरे प्रिय जनों ! दुखी व्यक्ति अपने मालिक से कुछ मांगे बिना नहीं रह सकता? हम भक्त जनों को अपने गुरु से उनकी भक्ति, (सेवा-भावना) ही मांगनी चाहिए जिससे सब तरह का कल्याण होता है। What are the demands of Gurudev, "अपनी भगतिया सतगुरु साहब,...''  इस विषय में पूरी जानकारी के लिए इस पद का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया है । उसे पढ़ें-


P27, What are the demands of Gurudev, अपनी भगतिया सतगुरु साहब,...'' महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित। पदावली पद 27k संतसेवी जी महाराज द्वारा लिखित शब्दार्थ, भावार्थ।
पदावली पद 27 का संतसेवी जी महाराज द्वारा लिखित शब्दार्थ भावार्थ

P27, What are the demands of Gurudev, अपनी भगतिया सतगुरु साहब,...'' महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित। पूज्य पाद लाल दास लिखित पदावली पद 27 के शब्दार्थ, भावार्थ।
लालदास लिखित पदावली पर 27 का शब्दार्थ, भावार्थ।

P27, What are the demands of Gurudev, अपनी भगतिया सतगुरु साहब,...'' महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित। पदावली पद 27 का टिप्पणी
पदावली पद 27 का टिप्पणी

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प्रभु प्रेमियों !  "महर्षि मेंहीं पदावली शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी सहित" नामक पुस्तक  से इस भजन के शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी द्वारा आपने जाना कि The Types and Benefits of Meditation,Meditation & Yoga: How to Meditate, इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट-मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले  पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। इस पद्य का पाठ किया गया है उसे सुननेे के लिए निम्नांकित वीडियो देखें।


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