Ad1

Ad2

P45, What is the word meditation of santmat "पांच नौबत बिरतंत कहौं सुन लीजिए।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

महर्षि मेंहीं पदावली / 45

      प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 45वां पद्य  "पांच नौबत बिरतंत कहौं सुन लीजिए।...'  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है।
इस Santmat भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद) "पांच नौबत बिरतंत कहौं सुन लीजिए।..." में बताया गया है कि- शब्द साधना, सुरत-शब्द-योग,शब्द' क्या है। शब्द साधना'(सहज योग) क्या है,सुरत शब्द योग क्या है,गोपनीय विधि सुरत-शब्द-योग,सुरत शब्द का अर्थ,सुरत शब्द अभ्यास,सुरत शब्द योग मेडिटेशन तकनीक,सूरत शब्द योग में पाँच ब्रह्म और पाँच शब्द,सुरति शब्द योग या सुरत शब्द मार्ग या सुरति शब्द,शब्द युग्म,सूरत का अर्थ,नाम मार्ग और मन मार्ग,संतमत ध्यान,ध्यान की पूर्णता कैसे,कैसे करें ध्यान,ध्यान की व्याख्या,योग एवं ध्यान की व्याख्या,ध्यान के प्रकारों की व्याख्या,ध्यान की विशेषता,ध्यान की परिभाषा,ध्यान क्रिया,ध्यान प्रकार,ध्यान का महत्व, आदि।

इस पद्य के  पहले वाले भाग को पढ़ने के लिए  
यहां दबाएं।

P45, What is the word meditation of santmat "पांच नौबत बिरतंत कहौं सुन लीजिए।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। शब्द ध्यान पर चर्चा करते संत।
सब्द ध्यान पर चर्चा करते संत
What is the word meditation of santmat
सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज जी  कहते हैं- "हे सुरत-शब्द-योग का भेद जानने वाले भक्तों ! मैं पांच नौबतों का अर्थात् पांच केंद्रीय ध्वनिरूप नौबत-ध्वनियों का विचार कहता हूं। आप इसे सुन लीजिए और अभ्यास के समय विचार करके इन पांचों नौबतों में अपनी सूरत को क्रम-क्रम से संलग्न कीजिए।......." इस विषय में पूरी जानकारी के लिए इस भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया है। उसे पढ़ने के लिए

P45, What is the word meditation of santmat "पांच नौबत बिरतंत कहौं सुन लीजिए।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन 45 और शब्दार्थ। शब्द ध्यान।
पदावली भजन 45 और शब्दार्थ। शब्द ध्यान।

P45, What is the word meditation of santmat "पांच नौबत बिरतंत कहौं सुन लीजिए।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन 45 का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी। नादानुसंधान।
पदावली भजन 45 का शब्दार्थ भावार्थ और टिप्पणी नादानुसंधान

P45, What is the word meditation of santmat "पांच नौबत बिरतंत कहौं सुन लीजिए।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन 45 का टिप्पणी। शब्द योग।
पदावली भजन 45 का टिप्पणी। शब्द योग।



इस भजन के  बाद वाले पद्य को पढ़ने के लिए 
 
प्रभु प्रेमियों !  "महर्षि मेंहीं पदावली शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी सहित" नामक पुस्तक  से इस भजन के शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी द्वारा आपने शब्द साधना, सुरत-शब्द-योग,शब्द' क्या है। शब्द साधना'(सहज योग) क्या है,सुरत शब्द योग क्या है,गोपनीय विधि सुरत-शब्द-योग इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट-मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले  पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। इस पद्य का पाठ किया गया है उसे सुननेे के लिए निम्नलिखित वीडियो देखें।





महर्षि मेंहीं पदावली, शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी सहित।
महर्षि मेँहीँ पदावली.. 
अगर आप 'महर्षि मेँहीँ पदावली' पुस्तक के अन्य पद्यों के अर्थों के बारे में जानना चाहते हैं या इस पुस्तक के बारे में विशेष रूप से समझना चाहते हैं तो 

सत्संग ध्यान संतवाणी ब्लॉग की अन्य संतवाणीयों के अर्थ सहित उपलब्धता के बारे में अधिक जानकारी के लिए 👉यहाँ दवाएँ.

सद्गुरु महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज की पुस्तकें मुफ्त में पाने के लिए  शर्तों के बारे में जानने के लिए   👉  यहां दवाए
P45, What is the word meditation of santmat "पांच नौबत बिरतंत कहौं सुन लीजिए।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। P45, What is the word meditation of santmat "पांच नौबत बिरतंत कहौं सुन लीजिए।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। Reviewed by सत्संग ध्यान on 12/25/2019 Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

कृपया सत्संग ध्यान से संबंधित किसी विषय पर जानकारी या अन्य सहायता के लिए टिप्पणी करें।

Ads 5

Blogger द्वारा संचालित.