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P46, Special on word meditation "सृष्टि के पांच हैं केंद्रन सज्जन जानिये।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

महर्षि मेंहीं पदावली / 46

      प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 46वां पद्य  "सृष्टि के पांच हैं केंद्रन सज्जन जानिये।...'  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है।
इस Santmat भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद) "सृष्टि के पांच हैं केंद्रन सज्जन जानिये।..." में बताया गया है कि- सूरत शब्द योग में पाँच ब्रह्म और पाँच शब्द,सुरति शब्द योग या सुरत शब्द मार्ग या सुरति शब्द,शब्द युग्म,सूरत का अर्थ,नाम मार्ग और मन मार्ग,संतमत ध्यान,ध्यान की पूर्णता कैसे,कैसे करें ध्यान,ध्यान की व्याख्या,योग एवं ध्यान की व्याख्या,ध्यान के प्रकारों की व्याख्या,ध्यान की विशेषता,ध्यान की परिभाषा,ध्यान क्रिया,ध्यान प्रकार,ध्यान का महत्व,शब्द साधना, सुरत-शब्द-योग,शब्द' क्या है। शब्द साधना'(सहज योग) क्या है,सुरत शब्द योग क्या है,गोपनीय विधि सुरत-शब्द-योग,सुरत शब्द का अर्थ,सुरत शब्द अभ्यास,सुरत शब्द योग मेडिटेशन तकनीक आदि।


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P46, Special on word meditation "सृष्टि के पांच हैं केंद्रन सज्जन जानिये।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। शब्द-ध्यान पर विशेष चर्चा करते गुरुदेव और टीकाकार।
सब्द-ध्यान पर विशेष चर्चा करते गुरुदेव और टीकाकार



Special on word meditation

सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज जी  कहते हैं- "हे सज्जनों ! यह जानिये कि सृष्टि के पांचों मंडलों के 5 केंद्र हैं। विश्वास कीजिए कि इन पांचों केंद्रों से अलग-अलग 5 तरह की ध्वनियां होती हैं, जिन्हें '5 नौबत' कहते हैं अथवा जो नौबत ध्वनियों की तरह बड़ी मधुर हैं।......." इस विषय में पूरी जानकारी के लिए इस भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया है। उसे पढ़ने के लिए

P46, Special on word meditation "सृष्टि के पांच हैं केंद्रन सज्जन जानिये।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन 46 और शब्दार्थ। शब्द-ध्यान।
पदावली भजन 46 और शब्दार्थ। शब्द-ध्यान।

P46, Special on word meditation "सृष्टि के पांच हैं केंद्रन सज्जन जानिये।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन 46 का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी। सुरत-शब्द-योग।
पदावली भजन 46 का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी। सुरत-शब्द-योग।

P46, Special on word meditation "सृष्टि के पांच हैं केंद्रन सज्जन जानिये।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन 46 का शेष टिप्पणी । नादानुसंधान।
पदावली भजन 46 का शेष टिप्पणी। नादानुसंधान।
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प्रभु प्रेमियों !  "महर्षि मेंहीं पदावली शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी सहित" नामक पुस्तक  से इस भजन के शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी द्वारा आपने सूरत शब्द योग में पाँच ब्रह्म और पाँच शब्द,सुरति शब्द योग या सुरत शब्द मार्ग या सुरति शब्द-योग इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट-मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले  पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। इस पद्य का पाठ किया गया है उसे सुननेे के लिए निम्नलिखित वीडियो देखें।


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