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P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

महर्षि मेंहीं पदावली / 114

प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 114वां पद्य  "सम दम और नियम यम दस दस।....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद श्रीधर दास जी महाराज और पूज्यपाद संतसेवी जी महाराज  नेे किया है।

इस Santmat meditations भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद) "सम दम और नियम यम दस दस,..." में बताया गया है कि- पूरे एवं सच्चे सद्गुरु की प्राप्ति से क्या-क्या लाभ होते हैं? संत सद्गुरु शिशु को क्या-क्या प्रदान करते हैं। इत्यादि बातों के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नें भी विचारनीय हैं- सद्गुरु से होने वाले लाभ,सद्‌गुरु का परिचय, Sadhguru Intro, Sadhguru Hindi, कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता क्यों नहीं,सफल होने की एक शानदार ट्रिक,सद्गुरु प्रवचन,सद्गुरु वीडियो,प्राचीन गुरु की विशेषताएं,गुरु और शिष्य का रिश्ता, गुरु शिष्य संबंध निबंध,गुरु शिष्य सम्बन्ध पर निबंध,गुरु और शिष्य का पारस्परिक संबंध,गुरु शिष्य की कहानियाँ,गुरु शिष्य परंपरा मराठी,गुरु शिष्य परंपरा पर निबंध,गुरु की परिभाषा,गुरु दक्षिणा की परंपरा,शिष्य के गुण,गुरु दक्षिणा की कहानी।

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प्राचीन गुरु की सेवा से लाभ पर चर्चा।

Characteristics of ancient guru

सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज जी  कहते हैं- "10-10 यम-नियम दम (इंद्रिय-निग्रह) और शम (मनोनिग्रह) ये सब सद्गुरु की कृपा से धीरे-धीरे सधते हैं।...." इस विषय में पूरी जानकारी के लिए इस भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया है। उसे पढ़ें-
P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन नंबर 114
पदावली भजन नंबर 114

P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन नंबर 114 का शब्दार्थ और भावार्थ।
पदावली भजन नंबर 114 का शब्दार्थ और भावार्थ।

P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन नंबर 114 का शेष पद्यार्थ।।
पदावली भजन नंबर 114 का शेष पद्यार्थ।
 पूज्यपाद श्रीधरदास जी महाराज द्वारा किया गया टीका-

P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।पदावली भजन नंबर 114 का शब्दार्थ।
पदावली भजन नंबर 114 का शब्दार्थ।

P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन नंबर 114 का पद्यार्थ।
पदावली भजन नंबर 114 का पद्यार्थ।
P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। यम किसे कहते हैं?
यम किसे कहते हैं

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प्रभु प्रेमियों ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" के भजन नं. 114 का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के द्वारा आपने जाना कि पूरे एवं सच्चे सद्गुरु की प्राप्ति से क्या-क्या लाभ होते हैं? संत सद्गुरु शिशु को क्या-क्या प्रदान करते हैं। इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले  पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। इस पद का पाठ किया गया है उसे सुननेे के लिए निम्नलिखित वीडियो देखें।





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P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। P114, Characteristics of ancient guru "सम दम और नियम यम दस दस।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। Reviewed by सत्संग ध्यान on 3/01/2020 Rating: 5

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