Ad1

Ad2

P134, All the work of satsangi completed "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..."।। महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।।

महर्षि मेंहीं पदावली / 134

प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 134वां पद्य  "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे  पूज्यपाद लालदास जी महाराज,  पूज्यपाद संतसेवी जी महाराज और  पूज्यपाद श्रीधर दास जी महाराज नेे किया है।
इस Santmat सत्संग महिमा भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद) "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..." में बताया गया है कि- रोजाना सत्संग करने वाले के सभी कार्य संपन्न हो जाते हैं। इत्यादि बातों की चर्चा के साथ-साथ निम्नलिखित बातों पर भी कुछ-ना-कुछ जानकारी मिलेगी- भजन अर्थ सहित, कुप्पाघाट का भजन, नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा, सत्संगी के सारे कार्य संपन्न होते हैं,सत्संगी भजन, सत्संगी भजन हिंदी,सत्संगी भजन संग्रह, सत्संगी भजन कीर्तन,सत्संगी हिट भजन, सत्संगी कीर्तन,सत्संगी भजन सत्संगी भजन, चेतावनी भजन,सत्संग महिमा के भजन,सत्संग भजन,गुरु महिमा सत्संग भजन,गुरु जी का सत्संग सुनाओ,guru mahima bhajan,गुरु सत्संग भजन,गुरु महिमा गुरु महिमा,गुरु महिमा भजन वीडियो।

इस भजन के  पहले वाले पद्य को पढ़ने के लिए    यहां दबाएं।

P134, All the work of satsangi completed "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..."।। महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।। सत्संग महिमा पर चर्चा करते संत।
सत्संग महिमा पर चर्चा करते संत।

All the work of satsangi completed

महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज जी  कहते हैं- "हे प्यारे सज्जनों ! प्रतिदिन सत्संग कर लिया करो; इससे तुम्हारे सारे कार्य संपन्न हो जाएंगे।...." इस विषय में पूरी जानकारी के लिए इस भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया है। उसे पढ़ें-

पूज्यपाद लाल दास जी महाराज द्वारा किया गया टीका-
P134, All the work of satsangi completed "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..."।। महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।। पदावली भजन नंबर 134 और शब्दार्थ, भावार्थ।
पदावली भजन नंबर 134 और शब्दार्थ, भावार्थ।

P134, All the work of satsangi completed "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..."।। महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।। पदावली भजन नंबर 134 का टिप्पणी।
पदावली भजन नंबर 134 का टिप्पणी।

पूज्यपाद संतसेवी जी महाराज द्वारा किया गया टीका-
P134, All the work of satsangi completed "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..."।। महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।। सत्संग महिमा भजन।
सत्संग महिमा भजन।

P134, All the work of satsangi completed "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..."।। महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।। सत्संग करने वाले से सभी खुश रहते हैं।
सत्संग करने वाले से सभी प्रसन्न होते हैं।

पूज्यपाद श्रीधर दासजी महाराज द्वारा किया गया टीका-
P134, All the work of satsangi completed "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..."।। महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।। सत्संगी का मुख्य कार्य क्या है?
सत्संगी का मुख्य कार्य क्या है?


इस भजन के  बाद वाले पद्य को पढ़ने के लिए    यहां दबाएं।

प्रभु प्रेमियों  ! गुरु महाराज के भारती पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" के भजन नं. 134 का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के द्वारा आप ने जाना कि रोजाना सत्संग करने वाले के सभी कार्य संपन्न हो जाते हैं। इत्यादि इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले  पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। इस पद का पाठ किया गया है उसे सुननेे के लिए निम्नलिखित वीडियो देखें।


अगर आप 'महर्षि मेंहीं पदावली' पुस्तक के अन्य पद्यों के अर्थों के बारे में जानना चाहते हैं या इस पुस्तक के बारे में विशेष रूप से जानना चाहते हैं तो   यहां दबाएं। 

सत्संग ध्यान संतवाणी ब्लॉग की अन्य संतवाणीयों के अर्थ सहित उपलब्धता के बारे में अधिक जानकारी के लिए    यहां दवाएं

P134, All the work of satsangi completed "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..."।। महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।। P134, All the work of satsangi completed "नित्य प्रति सत्संग कर ले प्यारा,..."।। महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।। Reviewed by सत्संग ध्यान on 3/08/2020 Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

कृपया सत्संग ध्यान से संबंधित किसी विषय पर जानकारी या अन्य सहायता के लिए टिप्पणी करें।

Ads 5

Blogger द्वारा संचालित.