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P21, Advance in spiritual practice with true prayer "गुरु खोलिए वज्र कपाट,..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

महर्षि मेंहीं पदावली / 21

      प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 21वां, पद्य- "गुरु खोलिए वज्र कपाट,..." का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है।
इस सद्गुरु भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद, भजन) "गुरु खोलिए वज्र कपाट,..." में बताया गया है कि- विनम्र प्रार्थना, ईशावास्‍य उपनिषाद– वह ज्‍योतिर्मय विन्दु,Andhkar Ya Prakash,अंधकार या प्रकाश,अंधकार का अर्थ,अंधकार प्रकाश और शब्द के पार में परमात्मा मिलेंगे, Prakash aur Andhkar, अंधकार से प्रकाश की ओर,प्रकाश क्या है,सच्ची प्रार्थना से साधना में तरक्की,हर सोच प्रार्थना है जो स्वीकृत की जाती है,सच्ची प्रार्थना में प्रवेश,एक शक्तिशाली प्रार्थना, दिल की प्रार्थना बेकार नहीं होगी,भगवान से प्रार्थना,सच्ची प्रार्थना कैसे करें, आदि।

इस पद्य के  पहले वाले पद्य को पढ़ने के लिए  

P21, Advance in spiritual practice with true prayer "गुरु खोलिए वज्र कपाट,..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। सद्गुरु महर्षि मेंहीं और टीकाकार- लाल दास जी महाराज।
सद्गुरु महर्षि मेंहीं और टीकाकार-  लालदास जी महाराज 


Advance in spiritual practice with true prayer

सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज जी  कहते हैं- "हे गुरुदेव मेरी बंद आंखों के सामने जो अंधकार का वज्र के समान कठोर और मजबूत किवाड़ (आवरण) लगा हुआ है, उसे आप खोल दीजिए (हटा दीजिए)।......spiritual practices list,how to become more spiritual with god,spiritual lifestyle changes,how to develop spirituality,how to be more spiritual every day,how to improve your spiritual life,how to become more spiritually aware,spiritual learning,What is your spiritual practice,......" इस विषय में पूरी जानकारी के लिए इस भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया है। उसे पढ़ें-

P21, Advance in spiritual practice with true prayer "गुरु खोलिए वज्र कपाट,..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। महर्षि मेंही पदावली भजन 21,
महर्षि मेंही पदावली भजन 21,

P21, Advance in spiritual practice with true prayer "गुरु खोलिए वज्र कपाट,..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन नंबर 21, शब्दार्थ भावार्थ।
पदावली भजन नंबर 21 शब्दार्थ भावार्थ।

P21, Advance in spiritual practice with true prayer "गुरु खोलिए वज्र कपाट,..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन नंबर 21 टिप्पणी।
पदावली भजन नंबर 21 टिप्पणी।

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प्रभु प्रेमियों !  "महर्षि मेंहीं पदावली शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी सहित" नामक पुस्तक  से इस भजन के शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी द्वारा आपने जाना किध्यान की व्याख्या,ध्यान साधना विधि, और ध्यान योग क्या है?  इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट-मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले  पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। इस पद्य का पाठ किया गया है उसे सुननेे के लिए निम्नांकित वीडियो देखें।


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