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P110, Who is the luckiest in the world "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित।

महर्षि मेंहीं पदावली / 110

प्रभु प्रेमियों ! संतवाणी अर्थ सहित में आज हम लोग जानेंगे- संतमत सत्संग के महान प्रचारक सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के भारती (हिंदी) पुस्तक "महर्षि मेंहीं पदावली" जो हम संतमतानुयाइयों के लिए गुरु-गीता के समान अनमोल कृति है। इस कृति के 110 वां पद्य  "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।....''  का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी के  बारे में। जिसे पूज्यपाद लालदास जी महाराज नेे किया है।

इस Santmat meditations भजन (कविता, पद्य, वाणी, छंद) "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं,..." में बताया गया है कि- महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित के अनुसार दुनिया में सबसे भाग्यशाली व्यक्ति कौन है? जो अपने सभी दुखों से छुटकारा पाने का उपाय जानता है और उसके अनुसार चल रहा है? । इत्यादि बातों के साथ-साथ निम्नलिखित प्रश्नें भी विचारनीय हैं- सत्संग ध्यान,महर्षि मेंहीं पदावली, भजन अर्थ सहित, कुप्पाघाट का भजन,आदिगुरु परमात्मा, संत सतगुरु और शिष्य, सत साहेब कौन है,सतलोक कैसा है,सत सुकृत अविगत कबीर,शब्द स्वरूपी राम,श्रीराम जी का सबसे बड़ा भाग्यशाली भक्त कौन है,सबसे भाग्यशाली व्यक्ति कौन है? सबसे महान व्यक्ति तथा सबसे भाग्यशाली इंसान कौन है?आपके अनुसार दुनिया में सबसे भाग्यशाली व्यक्ति कौन है?सबसे बड़ा भाग्यशाली कौन है, Sabse Bada Bhagyashali Kon hai.

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P110, Who is the luckiest in the world "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। सबसे बड़ा भाग्यशाली कौन विषय पर चर्चा करते गुरुदेव।
सबसे बड़ा भाग्यशाली कौन बिषय पर चर्चा करते गुरुदेव।

Who is the luckiest in the world

सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज जी  कहते हैं- "अविनाशी आदिगुरु परमात्मा का पद (शब्दातीत पद) संत सद्गुरु की कृपा के बिना प्राप्त नहीं होता अथवा संत सतगुरु के चरणों की शरण में गए बिना आदि गुरु परमात्मा नहीं मिलते।...." इस विषय में पूरी जानकारी के लिए इस भजन का शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी किया गया है। उसे पढ़ें-

P110, Who is the luckiest in the world "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन 110 और शब्दार्थ, भावार्थ, टिप्पणी।
पदावली भजन 110 और शब्दार्थ, भावार्थ, टिप्पणी।

P110, Who is the luckiest in the world "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। पदावली भजन 110 का टिप्पणी
पदावली भजन 110 का टिप्पणी।

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प्रभु प्रेमियों !  "महर्षि मेंहीं पदावली शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी सहित" नामक पुस्तक  से इस भजन के शब्दार्थ, भावार्थ और टिप्पणी द्वारा आपने जाना कि महर्षि मेंहीं पदावली भजन अर्थ सहित के अनुसार दुनिया में सबसे भाग्यशाली व्यक्ति कौन है? जो अपने सभी दुखों से छुटकारा पाने का उपाय जानता है और उसके अनुसार चल रहा है? इतनी जानकारी के बाद भी अगर आपके मन में किसी प्रकार का शंका या कोई प्रश्न है, तो हमें कमेंट करें। इस लेख के बारे में अपने इष्ट-मित्रों को भी बता दें, जिससे वे भी इससे लाभ उठा सकें। सत्संग ध्यान ब्लॉग का सदस्य बने। इससे आपको आने वाले  पोस्ट की सूचना नि:शुल्क मिलती रहेगी। इस पद्य का पाठ किया गया है उसे सुननेे के लिए निम्नांकित वीडियो देखें।



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P110, Who is the luckiest in the world "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। P110, Who is the luckiest in the world "सतगुरु पद बिनु गुरु भेटत नाहीं।..." महर्षि मेंहीं पदावली अर्थ सहित। Reviewed by सत्संग ध्यान on फ़रवरी 29, 2020 Rating: 5

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